20/06/2026

आलोक पत्रिका - 20 जून, 2026

आलोक

दैनिक समसामयिक पत्रिका | 20 जून, 2026

राष्ट्रीय परिदृश्य

नीति आयोग ने भारत के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDG) इंडिया इंडेक्स 2025-26 का छठा संस्करण किया जारी: खबर: नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय प्रगति को मापने वाला वार्षिक SDG इंडिया इंडेक्स जारी किया है। इस वर्ष के सूचकांक में केरल ने 'अचीवर' श्रेणी के करीब पहुंचते हुए शीर्ष स्थान बरकरार रखा है, जबकि तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। बिहार और झारखंड ने इस वर्ष 'परफॉर्मेंस' श्रेणी में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है।

महत्व: यह इंडेक्स देश में 'प्रतिस्पर्धी सहकारी संघवाद' (Competitive Cooperative Federalism) को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक उपकरण है। यह राज्यों को डेटा-संचालित नीति निर्माण (Data-driven Policy Making) करने और वैश्विक पर्यावरण व विकास लक्ष्यों के प्रति जवाबदेह बनाने में मदद करता है।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा 'राष्ट्रीय रसद और लॉजिस्टिक्स सुगमता नीति' (NLEP) का नया डिजिटल डैशबोर्ड लॉन्च: खबर: आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं को दूर करने और भारत के निर्यात को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री ने रीयल-टाइम कार्गो ट्रैकिंग और इंटर-मॉडल प्रशासनिक मंजूरी देने वाले एक एकीकृत 'लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक' पोर्टल की शुरुआत की है।

महत्व: पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप यह तकनीकी एकीकरण रसद लागत को देश की जीडीपी के वर्तमान स्तर से घटाकर वैश्विक मानकों (लगभग 8-9%) के दायरे में लाने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक सुरक्षात्मक ढांचा तैयार करेगा।

🌐 अंतर्राष्ट्रीय (International)

भारत और वियतनाम के बीच 'रणनीतिक साझेदारी विजन 2035' के तहत डिजिटल कनेक्टिविटी और रक्षा गलियारे पर सहमति: खबर: हनोई में आयोजित दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच उच्च स्तरीय बैठक में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ 'क्रिटिकल मिनरल्स' (जैसे रेयर अर्थ एलिमेंट्स) की खोज और प्रसंस्करण के लिए एक संयुक्त कार्य समूह के गठन का निर्णय लिया गया है।

महत्व: दक्षिण पूर्व एशिया में वियतनाम भारत की कूटनीति का एक मजबूत स्तंभ है। चीन के रणनीतिक प्रभाव को संतुलित करने के साथ-साथ सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों के लिए आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित रखने के लिहाज से यह द्विपक्षीय समझौता अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

अफ्रीकी संघ (African Union) ने महाद्वीप में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'ग्रेट ग्रीन वॉल' परियोजना के नए वित्तीय पैकेज की घोषणा की: खबर: सहारा मरुस्थल के बढ़ते प्रभाव को रोकने और बंजर भूमि को कृषि योग्य बनाने के लिए अफ्रीकी देशों ने वैश्विक पर्यावरण कोष (GEF) के सहयोग से $5 बिलियन का नया कोष स्थापित करने की मंजूरी दी है।

महत्व: जलवायु परिवर्तन जनित प्रवासन (Climate Migration) और उप-सहारा क्षेत्र (Sahel Region) में भू-राजनीतिक अस्थिरता को रोकने के लिए यह दुनिया का सबसे बड़ा पारिस्थितिक पुनरुद्धार कार्यक्रम माना जा रहा है, जिससे 'ग्लोबल साउथ' को मजबूत आधार मिलेगा।

प्रशासन एवं नीति (Administration And Policy)

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा तटीय राज्यों के लिए 'ब्लू इकोनॉमी 2.0' प्रशासनिक दिशा-निर्देश जारी: खबर: देश के समुद्री संसाधनों के सतत दोहन, मैंग्रोव संरक्षण और तटीय समुदायों की आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक नया व्यापक नीतिगत ढांचा अधिसूचित किया है, जिसमें अनियंत्रित गहरे समुद्र में खनन पर कड़े प्रशासनिक प्रतिबंध लगाए गए हैं।

महत्व: यह नीति आर्थिक समृद्धि (समुद्री पर्यटन, मत्स्य पालन) और पर्यावरणीय संधारणीयता (Environmental Sustainability) के बीच एक विधिक संतुलन स्थापित करती है, जो भारत के नेट-जीरो कार्बन लक्ष्यों के प्रति अनुकूल है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंतर-राज्यीय सीमा नदी विवादों के निपटारे के लिए 'एकल स्थायी न्यायाधिकरण' (Single Permanent Tribunal) के गठन को दी मंजूरी: खबर: अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1956 में संशोधन के माध्यम से सरकार ने विभिन्न राज्यों के बीच लंबित विवादों को अधिकतम दो वर्ष की समय सीमा के भीतर हल करने के लिए अलग-अलग ट्रिब्यूनल के स्थान पर एक केंद्रीकृत निकाय के गठन का फैसला लिया है।

महत्व: इस प्रशासनिक और विधिक सुधार से कावेरी, गोदावरी और महादयी जैसी नदियों को लेकर राज्यों के बीच चलने वाले दशकों पुराने मुकदमेबाजी के दौर का अंत होने की उम्मीद है, जिससे सहकारी संघवाद को नई गति मिलेगी।

रक्षा, खेल एवं विविध (Defense, Sports & Miscellaneous)

भारतीय सेना ने लद्दाख के उच्च तुंगता वाले क्षेत्रों में 'ऑपरेशन पर्वत प्रहार 2026' संयुक्त युद्धाभ्यास का किया समापन: खबर: वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास भारतीय सेना और वायुसेना ने स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH प्रचंड) और उन्नत ड्रोन प्रणालियों के साथ तीव्र आक्रामक क्षमताओं और लॉजिस्टिक्स मोबिलाइजेशन का व्यापक प्रदर्शन किया।

महत्व: कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में रणनीतिक और तकनीकी रूप से देश की संप्रभुता सुनिश्चित करने तथा हाइब्रिड खतरों के खिलाफ त्वरित प्रतिक्रिया बल की तत्परता को मजबूत करने के लिए यह युद्धाभ्यास अत्यंत महत्वपूर्ण था।

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने महिला क्रिकेट विकास के लिए $50 मिलियन के 'इक्विटी एंड ग्रोथ' प्रोग्राम की शुरुआत की: खबर: आईसीसी ने एसोसिएट और पूर्ण सदस्य देशों में महिला क्रिकेट की बुनियादी सुविधाओं को पुरुषों के समान स्तर पर लाने और घरेलू स्तर पर नई प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए पांच वर्षीय वित्तीय योजना को मंजूरी दी है।

महत्व: खेल कूटनीति और सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से यह वैश्विक नीति खेलों में लैंगिक समानता (Gender Equality) को बढ़ावा देने तथा खेल पारिस्थितिकी तंत्र को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

भौगोलिक और认识तिक जानकारी

4. देश: वियतनाम (Vietnam)

विशेषताविवरण
भौगोलिक स्थितिदक्षिण-पूर्व एशिया - इंडोचाइना प्रायद्वीप के पूर्वी तट पर, दक्षिण चीन सागर की सीमा पर स्थित
राजधानीहनोई (Hanoi) - मुख्य नदी: रेड रिवर
मुद्रावियतनामी डोंग (Vietnamese Dong)
मुख्य भौगोलिक इकाईमेकांग डेल्टा, अन्नामते पर्वत श्रृंखला, हा लांग बे (यूनेस्को धरोहर)
सामरिक महत्वआसियान (ASEAN) का प्रमुख सदस्य, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में 'नियम-आधारित व्यवस्था' और भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति का मजबूत रणनीतिक साझेदार

भू-राजनीतिक महत्व: भारत और वियतनाम के बीच रक्षा सहयोग केवल सैन्य उपकरणों की आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देश दक्षिण चीन सागर में मुक्त नेविगेशन के साझा पक्षधर हैं। वियतनाम के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में भारत की ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL) द्वारा तेल और गैस की खोज कूटनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक महत्व का विषय है।

5. राज्य विशेष: केरल (Kerala)

विशेष प्रशासनिक सूचकांक

विशेषताविवरण
भौगोलिक स्थितिदक्षिण-पश्चिम भारत - मालाबार तट पर अरब सागर और पश्चिमी घाट के बीच स्थित
राजधानीतिरुवनंतपुरम
मुख्य भौगोलिक इकाईवेम्बनाड झील, अनामशिखर (दक्षिण भारत की सबसे ऊंची चोटी), पेरियार राष्ट्रीय उद्यान
नीति आयोग के SDG इंडिया इंडेक्स 2025-26 में शीर्ष स्थान, देश का सर्वोच्च साक्षरता और मानव विकास सूचकांक (HDI) वाला राज्य

सामरिक एवं आर्थिक महत्व: अपनी लंबी तटीय रेखा के कारण केरल प्राचीन काल से ही वैश्विक समुद्री व्यापार का केंद्र रहा है। वर्तमान में, कोच्चि अंतर्राष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल (वल्लारपदम) और विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय डीपवाटर सीपोर्ट परियोजना ने केरल को हिंद महासागर के प्रमुख शिपिंग मार्गों के लिए एक सामरिक 'लॉजिस्टिक गेटवे' बना दिया है, जो भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देता है।

6. भौगोलिक इकाई: सहारा मरुस्थल का साहेल क्षेत्र (Sahel Region)

प्रकारउत्तरी अफ्रीका के सहारा रेगिस्तान और दक्षिण के सवाना घास के मैदानों के बीच का एक विशाल अर्ध-शुष्क संक्रमणकालीन क्षेत्र
विस्तारपश्चिम में अटलांटिक महासागर से लेकर पूर्व में लाल सागर तक (सेनेगल, मली, नाइजर, चाड और सूडान जैसे देश शामिल)
मुख्य पर्यावरण चुनौतीतीव्र मरुस्थलीकरण (Desertification), बार-बार पड़ने वाला सूखा और जल संकट
महत्व'ग्रेट ग्रीन वॉल' परियोजना के तहत पेड़ों की 8,000 किमी लंबी हरित पट्टी विकसित कर इस क्षेत्र की पारिस्थितिकी को बचाने का वैश्विक प्रयास जारी है

भू-राजनीतिक महत्व: साहेल क्षेत्र वर्तमान में न केवल गंभीर जलवायु संकट का सामना कर रहा है, बल्कि यह खाद्य असुरक्षा और संसाधनों के संघर्ष के कारण उत्पन्न होने वाले उग्रवाद और अवैध प्रवासन का भी एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। अफ्रीकी संघ और अंतर्राष्ट्रीय समुदायों द्वारा यहाँ किया जाने वाला निवेश वैश्विक सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

अकादमिक ज्ञान (UPSC विशेष)

5. भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन: नीति आयोग का SDG इंडिया इंडेक्स और राज्यों के बीच सहयोगात्मक बनाम प्रतिस्पर्धी संघवाद

विश्लेषण: नीति आयोग द्वारा जारी SDG इंडिया इंडेक्स सतत विकास लक्ष्यों को स्थानीय स्तर पर प्राप्त करने (Localisation of SDGs) के लिए एक प्रभावी प्रशासनिक रोडमैप प्रदान करता है। सूचकांक के माध्यम से राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा (Healthy Competition) तो पैदा होती है, परंतु इसके साथ ही नीति निर्माताओं को यह भी ध्यान रखना होगा कि आर्थिक रूप से पिछड़े या भौगोलिक रूप से दुर्गम राज्यों (जैसे पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्य) को बुनियादी अवसंरचना के विकास के लिए विशेष सहयोगात्मक वित्तीय सहायता मिले। संघवाद की असली सफलता इस बात में निहित है कि प्रतिस्पर्धी सूचकांक क्षेत्रीय असमानताओं को बढ़ाने के बजाय उन्हें पाटने का माध्यम बनें।

6. अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं भू-राजनीति: भारत-वियतनाम संबंध और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में 'क्रिटिकल मिनरल्स' कूटनीति

विश्लेषण: भारत और वियतनाम का 'रणनीतिक साझेदारी विजन 2035' यह दर्शाता है कि आधुनिक द्विपक्षीय संबंध अब पारंपरिक रक्षा सहयोग से आगे बढ़कर आर्थिक और तकनीकी संप्रभुता की ओर मुड़ रहे हैं। एआई, सेमीकंडक्टर और हरित ऊर्जा उद्योगों के लिए रेयर अर्थ एलिमेंट्स (दुर्लभ मृदा तत्व) की आपूर्ति पर चीन के एकाधिकार को तोड़ना भारत के लिए एक बड़ी रणनीतिक चुनौती है। वियतनाम के पास इन खनिजों का विशाल भंडार है। भारत की तकनीकी विशेषज्ञता और वियतनाम के संसाधनों का यह तालमेल दोनों देशों को वैश्विक मूल्य श्रृंखला (Global Value Chain) में एक आत्मनिर्भर और मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित कर सकता है।

7. प्रशासनिक सुधार एवं विधिक मुद्दे: अंतर-राज्यीय जल विवादों के समाधान में 'एकल स्थायी न्यायाधिकरण' की भूमिका और चुनौतियां

विश्लेषण: अलग-अलग नदी जल विवाद न्यायाधिकरणों के स्थान पर एक ही स्थायी ट्रिब्यूनल के गठन का प्रशासनिक निर्णय विधिक देरी को कम करने की दिशा में एक प्रगतिशील कदम है। पारंपरिक रूप से, राजनीतिक संवेदनशीलता और अपारदर्शी डेटा के कारण ट्रिब्यूनल के फैसले आने में दशकों लग जाते थे। नए ढांचे की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या इसके पास डेटा एकत्र करने के लिए एक स्वायत्त 'राष्ट्रीय जल सूचना केंद्र' जैसी संस्थागत शक्ति है, और क्या राज्य सरकारें संकीर्ण क्षेत्रीय राजनीति से ऊपर उठकर इस न्यायाधिकरण के निर्णयों को विधिक रूप से स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।

प्रेरक उद्धरण (UPSC मुख्य परीक्षा परिप्रेक्ष्य)

"सं गच्छध्वं सं वदध्वं सं वो मनांसि जानताम्।" (हम सब एक साथ कदम बढ़ाएं, एक साथ बोलें, और हमारे मन एक समान होकर ज्ञान प्राप्त करें।) - ऋग्वेद

व्याख्या: यह वैदिक विचार सामूहिक प्रगति, नीतिगत आम सहमति और समावेशी विकास का सर्वोत्तम दर्शन है। चाहे राष्ट्रीय स्तर पर नीति आयोग द्वारा राज्यों को साथ लेकर सतत विकास के लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करना हो, या अंतर-राज्यीय नदी जल विवादों को सौहार्दपूर्ण और विधिक कूटनीति के जरिए सुलझाना हो, अथवा अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के खिलाफ एकजुट होना हो—यह मंत्र हमेशा राष्ट्रीय एकता और 'साझा वैश्विक कल्याण' का मार्ग प्रशस्त करता है। इसे निबंध, शासन व्यवस्था (GS Paper 2) और नीतिशास्त्र (GS Paper 4) में प्रभावी ढंग से उद्धृत किया जा सकता है।

आज का प्रश्न (Mains Perspective - GS Paper 2 & 3)

प्रश्न: "नीति आयोग द्वारा जारी SDG इंडिया इंडेक्स केवल एक मूल्यांकन रिपोर्ट नहीं है, बल्कि यह देश में प्रतिस्पर्धी संघवाद को बढ़ावा देकर जमीनी स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही तय करने का एक सशक्त माध्यम है।" इस कथन के आलोक में, विकास सूचकांकों के माध्यम से क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने में आने वाली सीमाओं और इसके प्रभावी प्रशासनिक उपायों की विवेचना कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)

आज का अभ्यास प्रश्न (अभ्यास)

प्रश्न 1: नीति आयोग द्वारा हाल ही में जारी किए गए सतत विकास लक्ष्य (SDG) इंडिया इंडेक्स 2025-26 के छठे संस्करण में किस राज्य ने अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है?

उत्तर: केरल (Kerala)।

प्रश्न 2: मरुस्थलीकरण को रोकने और जलवायु स्थिरता के लिए समाचारों में रहने वाली वैश्विक पारिस्थितिक पहल 'ग्रेट ग्रीन वॉल' (Great Green Wall) किस महाद्वीप के साहेल क्षेत्र से संबंधित है?

उत्तर: अफ्रीका (Africa)।

19/06/2026

आलोक पत्रिका - 19 जून, 2026

आलोक

दैनिक समसामयिक पत्रिका | 19 जून, 2026

राष्ट्रीय परिदृश्य

नीति आयोग ने भारत के पहले 'राष्ट्रीय एआई सुपरकंप्यूटिंग ग्रिड' (NASG) के खाके को दी मंजूरी: खबर: नीति आयोग ने देश के अनुसंधान संस्थानों और स्टार्टअप्स को बेहद कम लागत पर सुरक्षित और उन्नत एआई कंप्यूटिंग क्षमताएं प्रदान करने के लिए एक 'राष्ट्रीय एआई सुपरकंप्यूटिंग ग्रिड' स्थापित करने की रूपरेखा जारी की है। इस ग्रिड के तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर देश के पांच प्रमुख शहरों में नए डेटा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

महत्व: वैश्विक स्तर पर एआई संप्रभुता (AI Sovereignty) की दौड़ में यह भारत के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। विदेशी क्लाउड सर्वरों पर भारतीय स्टार्टअप्स की निर्भरता कम होने से न केवल रणनीतिक डेटा सुरक्षित रहेगा, बल्कि 'सॉवरेन एआई' के निर्माण को भी गति मिलेगी।

संसद के आगामी मानसून सत्र में 'राष्ट्रीय डिजिटल अवसंरचना और गोपनीयता सुरक्षा' (NDIPS) विधेयक पेश करने की तैयारी: खबर: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने घोषणा की है कि डेटा सुरक्षा के नए वैश्विक मानकों और बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए पुराने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून में संशोधन कर एक अधिक सख्त और व्यापक नया डिजिटल सुरक्षा विधेयक लाया जा रहा है।

महत्व: यह कदम डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रशासनिक सुरक्षा और नागरिक अधिकारों के बीच एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच का काम करेगा। नए कानून में एआई-जनित डीपफेक और वित्तीय धोखाधड़ी के सिंडिकेट्स के लिए कड़े दंड व जुर्माने का प्रावधान शामिल किए जाने की संभावना है।

🌐 अंतर्राष्ट्रीय (International)

इंडो-पैसिफिक में नौसैनिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत और फिलीपींस के बीच व्यापक रक्षा समझौता: खबर: मनीला में आयोजित द्विपक्षीय सुरक्षा बैठक के दौरान भारत और फिलीपींस ने रणनीतिक खुफिया जानकारी साझा करने तथा दक्षिण चीन सागर के निकटवर्ती क्षेत्रों में संयुक्त नौसैनिक गश्त (Joint Naval Patrols) शुरू करने के लिए एक ऐतिहासिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

महत्व: ब्रह्मोस मिसाइल सौदे के बाद भारत-फिलीपींस के बीच यह समझौता इस क्षेत्र में चीन की एकतरफा समुद्री आक्रामकता को संतुलित करने में एक बड़ा भू-राजनीतिक कदम है। यह वैश्विक नियमों पर आधारित समुद्री व्यवस्था (Rules-based Maritime Order) को बढ़ावा देने की भारत की 'एक्ट ईस्ट नीति' की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

यूरोपीय संघ (EU) ने लागू किया नया 'हरित आपूर्ति श्रृंखला और वनों की कटाई रोधी' नियमन: खबर: यूरोपीय संघ ने सख्त रुख अपनाते हुए नया कानून लागू किया है जिसके तहत ईयू के बाजारों में बिकने वाले कॉफी, सोया, रबर और लकड़ी जैसे उत्पादों के आयातकों को यह प्रमाणित करना अनिवार्य होगा कि उनके उत्पादन के लिए किसी भी वन क्षेत्र को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है।

महत्व: यह वैश्विक व्यापार और पर्यावरण नीतियों के एकीकरण का एक बड़ा उदाहरण है। हालांकि, विकासशील देशों (Global South) ने चिंता व्यक्त की है कि यह नियम छोटे किसानों के लिए एक गैर-टैरिफ व्यापार बाधा (Non-tariff Barrier) बन सकता है, जिससे कूटनीतिक स्तर पर व्यापारिक मतभेद बढ़ने की आशंका है।

प्रशासन एवं नीति (Administration And Policy)

वित्त मंत्रालय द्वारा 'राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन' (NIP) के तहत स्मार्ट सिटीज के लिए नए वित्तीय प्रोत्साहन ढांचे की घोषणा: खबर: देश के टायर-2 और टायर-3 शहरों में सतत शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने बेहतर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) और हरित सार्वजनिक परिवहन अपनाने वाले स्थानीय निकायों को ₹15,000 करोड़ का अतिरिक्त विकास अनुदान देने की नीति जारी की है।

महत्व: यह नीतिगत पहल राजकोषीय संघवाद में 'परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव' को बढ़ावा देती है। यह स्थानीय शहरी निकायों (ULBs) को प्रशासनिक रूप से अधिक कुशल, आत्मनिर्भर और पर्यावरण के प्रति जवाबदेह बनने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

असम सरकार और कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के बीच प्रशासनिक विवाद सुलझाने के लिए त्रिपक्षीय समिति गठित: खबर: गृह मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद, असम के जनजातीय क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारों और भूमि प्रबंधन से जुड़े विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने के लिए केंद्र, राज्य और स्वायत्त परिषद के प्रतिनिधियों को मिलाकर एक उच्च स्तरीय कार्यबल का गठन किया गया है।

महत्व: स्थानीय स्वशासन (Local Self-Governance) को सुदृढ़ रखने और पूर्वोत्तर में आंतरिक सुरक्षा को बनाए रखने के लिए यह प्रशासनिक पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो क्षेत्रीय आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ती है।

रक्षा, खेल एवं विविध (Defense, Sports & Miscellaneous)

भारतीय नौसेना ने विशाखापत्तनम तट पर स्वदेशी पनडुब्बी रोधी युद्धपोत 'आईएनएस अंजदीप' का किया सफल परीक्षण: खबर: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और जीआरएसई (GRSE) द्वारा निर्मित एएसडब्ल्यू शैलो वाटर क्राफ्ट श्रृंखला के अत्याधुनिक युद्धपोत ने समुद्री परीक्षणों के दौरान सोनार और टॉरपीडो प्रणालियों का सफल प्रदर्शन किया।

महत्व: हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में विदेशी पनडुब्बियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए भारत की तटीय रक्षा और पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमता (Anti-Submarine Warfare) को बढ़ाने में यह मील का पत्थर है।

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के दावों के मूल्यांकन के लिए नया पैनल बनाया: खबर: आईओसी ने भारत सहित विभिन्न दावेदार देशों के बुनियादी ढांचे, तकनीकी क्षमताओं और खेल कूटनीति के आकलन के लिए एक विशेष 'फ्यूचर होस्ट कमीशन' का गठन किया है, जो अगले छह महीनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।

महत्व: भारत द्वारा 2036 खेलों की मेजबानी की आधिकारिक दावेदारी के बीच यह प्रशासनिक कदम देश के खेल अवसंरचनात्मक विकास और वैश्विक खेल कूटनीति (Sports Diplomacy) के मंच पर अपनी छाप छोड़ने का एक बड़ा अवसर है।

भौगोलिक और राजनीतिक जानकारी

4. देश: फिलीपींस (Philippines)

विशेषताविवरण
भौगोलिक स्थितिदक्षिण-पूर्व एशिया - पश्चिमी प्रशांत महासागर में स्थित एक विशाल द्वीपसमूह देश
राजधानीमनीला (Manila)
मुद्राफिलीपीन पेसो (Philippine Peso)
मुख्य भौगोलिक इकाईलूजोन और मिंडानाओ द्वीप समूह, प्रशांत महासागर की 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित
सामरिक महत्वआसियान (ASEAN) का संस्थापक सदस्य, दक्षिण चीन सागर विवाद का केंद्रबिंदु और भारत का प्रमुख एक्ट ईस्ट साझेदार

भू-राजनीतिक महत्व: भारत और फिलीपींस के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंध हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए अनिवार्य हैं। फिलीपींस द्वारा भारत से ब्रह्मोस मिसाइल प्रणालियों की खरीद और हालिया संयुक्त समुद्री सुरक्षा सहयोग यह दर्शाता है कि दोनों देश समुद्री संप्रभुता और नेविगेशन की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एक समान विजन साझा करते हैं।

5. राज्य विशेष: असम (Assam)

विशेषताविवरण
क्षेत्रफल78,438 वर्ग किमी (पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार)
राजधानीदिसपुर
मुख्य नदियाँ एवं भौगोलिक इकाईब्रह्मपुत्र और बराक नदी घाटियाँ; काजीरंगा और मानस राष्ट्रीय उद्यान
विशेष प्रशासनिक ढांचासंविधान की छठी अनुसूची के तहत 'कार्बी आंगलोंग' और 'बोडोलैंड' जैसी स्वायत्त परिषदें शामिल
अंतरराष्ट्रीय सीमाभूटान और बांग्लादेश के साथ सामरिक सीमाएँ साझा करता है

सामरिक एवं आर्थिक महत्व: अपनी अद्वितीय भौगोलिक स्थिति के कारण असम भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' का मुख्य केंद्र है। बांग्लादेश और भूटान के साथ सीमाओं के कारण यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सीमा सुरक्षा (घुसपैठ व तस्करी नियंत्रण) के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता वाला राज्य है। स्थानीय स्वायत्त परिषदों के जरिए जनजातीय संस्कृतियों और प्रशासनिक अधिकारों का संरक्षण यहाँ की आंतरिक शांति के लिए महत्वपूर्ण है।

6. भौगोलिक इकाई: दक्षिण चीन सागर (South China Sea)

प्रकारपश्चिमी प्रशांत महासागर का अत्यधिक विवादित और रणनीतिक सीमांत सागर
जोड़ता हैप्रशांत महासागर को हिंद महासागर (मलक्का जलडमरूमध्य के माध्यम से) से
तटीय देशचीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान
महत्ववैश्विक समुद्री व्यापार का लगभग एक-तिहाई मार्ग; द्वीपीय श्रृंखलाएं (जैसे स्प्रैटली और पैरासेल) और तेल व गैस भंडार से समृद्ध

भू-राजनीतिक महत्व: चीन द्वारा 'नाइन-डैश लाइन' के जरिए इस पूरे सागर पर किए जाने वाले दावों का फिलीपींस और वियतनाम जैसे देश कड़ा विरोध करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (PCA) के 2016 के ऐतिहासिक फैसले के बावजूद यहाँ सैन्यीकरण जारी है। भारत के लिए यह मार्ग व्यापारिक और रणनीतिक दोनों दृष्टिकोणों से बेहद महत्वपूर्ण है, जिसके कारण भारत यहाँ 'नेविगेशन की स्वतंत्रता' (Freedom of Navigation) का पुरजोर समर्थन करता है।

अकादमिक ज्ञान (UPSC विशेष)

5. अंतर्राष्ट्रीय संबंध: दक्षिण चीन सागर में भारत की बढ़ती कूटनीतिक उपस्थिति और फिलीपींस के साथ रक्षा साझेदारी

विश्लेषण: भारत और फिलीपींस के बीच हालिया रक्षा समझौता भारत की पारंपरिक 'लुक ईस्ट' नीति के 'एक्ट ईस्ट' नीति में पूरी तरह से तब्दील होने का स्पष्ट प्रमाण है। दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामक नीति और कृत्रिम द्वीपों के निर्माण ने क्षेत्र के छोटे देशों की संप्रभुता को खतरे में डाला है। भारत के लिए चुनौती यह है कि वह बिना किसी सैन्य गुट (Military Alliance) का हिस्सा बने, आसियान देशों की रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करे ताकि चीन पर एक विश्वसनीय कूटनीतिक दबाव बनाया जा सके। फिलीपींस के साथ सहयोग भारत की 'इंडो-पैसिफिक महासागर पहल' (IPOI) के उद्देश्यों के पूर्णतः अनुकूल है।

6. आंतरिक सुरक्षा एवं डिजिटल संप्रभुता: राष्ट्रीय एआई सुपरकंप्यूटिंग ग्रिड (NASG) और डेटा संप्रभुता की सुरक्षा

विश्लेषण: नीति आयोग द्वारा राष्ट्रीय एआई सुपरकंप्यूटिंग ग्रिड के खाके को मंजूरी देना भारत की डिजिटल संप्रभुता (Digital Sovereignty) की दिशा में एक क्रांतिकारी प्रशासनिक निर्णय है। डेटा को 21वीं सदी का नया तेल कहा जा रहा है, और जो देश कंप्यूटिंग अवसंरचना पर नियंत्रण रखेगा, वही वैश्विक कूटनीति की दिशा तय करेगा। हाइब्रिड खतरों के वर्तमान दौर में विदेशी सर्वरों पर निर्भरता राष्ट्रीय डेटा लीक और साइबर जासूसी के जोखिम को बढ़ाती है। घरेलू स्तर पर सुपरकंप्यूटिंग ग्रिड का विकास न केवल संवेदनशील डेटा को सुरक्षित रखेगा, बल्कि देश की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को साइबर अपराधों और वित्तीय फ्रॉड सिंडिकेट्स से निपटने के लिए रीयल-टाइम एआई टूल्स विकसित करने की क्षमता भी देगा।

7. पर्यावरण एवं अर्थव्यवस्था: यूरोपीय संघ के नए हरित नियमन (Deforestation Regulation) और 'ग्लोबल साउथ' की चुनौतियां

विश्लेषण: यूरोपीय संघ का नया वनों की कटाई रोधी नियमन यह दर्शाता है कि पर्यावरण मानक किस प्रकार वैश्विक व्यापारिक नीतियों को प्रभावित कर रहे हैं। यद्यपि पर्यावरण सततता एक स्वागत योग्य कदम है, परंतु इस प्रकार के कठोर नियम विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के छोटे और सीमांत किसानों पर भारी अनुपालन लागत (Compliance Cost) थोपते हैं। भारत के कॉफी, रबर और कृषि निर्यात के लिए यह एक नई चुनौती है। नीति निर्माताओं के समक्ष यह चुनौती है कि वे घरेलू कृषि और आपूर्ति श्रृंखला को आधुनिक तकनीकों (जैसे ब्लॉकचेन और जियो-टैगिंग) से जोड़ें ताकि भारतीय निर्यात बिना किसी बाधा के वैश्विक मानकों पर खरा उतर सके।

प्रेरक उद्धरण (UPSC मुख्य परीक्षा परिप्रेक्ष्य)

"पृथिवी धर्मणा धृता।" (यह पृथ्वी धर्म यानी संतुलन, न्याय और सही आचरण द्वारा टिकी हुई है।) - अथर्ववेद

व्याख्या: यह प्राचीन विचार वैश्विक शासन और पर्यावरण नीतियों के मूल सिद्धांत को व्यक्त करता है। 'धर्म' का अर्थ यहाँ केवल मजहब नहीं, बल्कि वैश्विक व्यवस्था में नियम-आधारित आचरण (Rules-based Order) और प्रकृति व विकास के बीच संतुलन स्थापित करना है। चाहे वह दक्षिण चीन सागर में अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का पालन करना हो, या आंतरिक रूप से एआई जैसी तकनीकों का विधिक व नैतिक उपयोग करना हो, अथवा पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ विकासशील देशों के आर्थिक हितों को सुरक्षित रखना हो—यह विचार सदैव एक मार्गदर्शक प्रकाश स्तंभ की भांति कार्य करता है। इसे निबंध, अंतर्राष्ट्रीय संबंध (GS Paper 2) और नीतिशास्त्र (GS Paper 4) में प्रभावी ढंग से प्रयुक्त किया जा सकता है।

आज का प्रश्न (Mains Perspective - GS Paper 2)

प्रश्न: "दक्षिण चीन सागर में हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने भारत को अपनी पारंपरिक रक्षा कूटनीति की सीमाओं से बाहर निकलने पर मजबूर किया है।" फिलीपींस के साथ भारत की बढ़ती रणनीतिक व नौसैनिक साझेदारी के संदर्भ में इस कथन का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए तथा इसके क्षेत्रीय सुरक्षा नियतार्थों की विवेचना कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)

आज का अभ्यास प्रश्न (अभ्यास)

प्रश्न 1: हाल ही में समाचारों में रहा 'स्प्रैटली' और 'पैरासेल' द्वीप समूह (Spratly and Paracel Islands) की भौगोलिक स्थिति किस सागर में है, जो वैश्विक रणनीतिक विवादों का केंद्र बना हुआ है?

उत्तर: दक्षिण चीन सागर (South China Sea)।

प्रश्न 2: भारत के किस पूर्वोत्तर राज्य में 'कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद' (Karbi Anglong Autonomous Council) स्थित है, जिसे संविधान की छठी अनुसूची के तहत विशेष प्रशासनिक अधिकार प्राप्त हैं?

उत्तर: असम (Assam)।

18/06/2026

आलोक पत्रिका - 18 जून, 2026

आलोक

दैनिक समसामयिक पत्रिका | 18 जून, 2026

राष्ट्रीय परिदृश्य

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा केंद्र सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ के रिकॉर्ड अधिशेष (Surplus) हस्तांतरण को मंजूरी: खबर: भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा अधिशेष हस्तांतरण स्वीकृत किया है। यह निर्णय बिमल जालान समिति की सिफारिशों पर आधारित संशोधित 'आर्थिक पूंजी ढांचे' (Economic Capital Framework - ECF) के तहत लिया गया है।

महत्व: यह विशाल वित्तीय हस्तांतरण सरकार को राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित करने और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास में पूंजी निवेश बढ़ाने के लिए अतिरिक्त संसाधन प्रदान करेगा। हालांकि, विशेषज्ञ इसके चलते केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता और भविष्य के जोखिम बफ़र्स पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभावों पर भी चर्चा कर रहे हैं।

मनरेगा (MGNREGA) के स्थान पर लागू नए ग्रामीण रोजगार कानून 'VB-G RAM G' के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की घोषणा: खबर: विभिन्न श्रमिक संगठनों और नागरिक कार्यकर्ताओं ने 'विकसित भारत - रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन - ग्रामीण' (VB-G RAM G) अधिनियम को निरस्त कर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर 1 जुलाई से देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों की घोषणा की है।

महत्व: ग्रामीण रोजगार सुरक्षा के इस नए कानूनी ढांचे को लेकर प्रशासनिक और कल्याणकारी नीतियों के धरातल पर क्रियान्वयन को लेकर बहस छिड़ गई है। यह नीति निर्माताओं के समक्ष ग्रामीण संकट के समाधान और सामाजिक सुरक्षा नेट को सुदृढ़ रखने की दोहरी चुनौती पेश करता है।

🌐 अंतर्राष्ट्रीय (International)

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने और समुद्री नेविगेशन बहाली हेतु प्रारंभिक कूटनीतिक समझौता: खबर: लंबे समय से जारी गतिरोध के बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच एक 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर सहमति बनने की रिपोर्ट आई है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन की बहाली और प्रतिबंधों में आंशिक ढील पर बातचीत का खाका तैयार हुआ है।

महत्व: वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का मार्ग जीवन रेखा के समान है। इस क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव कम होने से वैश्विक तेल कीमतों में स्थिरता आएगी और 'ग्लोबल साउथ' सहित भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बड़ी राहत मिलेगी।

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) द्वारा सोशल मीडिया अकाउंट संचालन के लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष निर्धारित: खबर: यूएई कैबिनेट ने एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित कर देश में व्यक्तिगत सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाने और प्रबंधित करने के लिए न्यूनतम कानूनी आयु 15 वर्ष तय कर दी है। इसके साथ ही यूएई ऐसा सख्त नियम लागू करने वाला पहला अरब राष्ट्र बन गया है।

महत्व: डिजिटल युग में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, डेटा गोपनीयता और साइबर सुरक्षा के लिहाज से यह नीति एक मिसाल है। यह टेक कंपनियों को सिर्फ 'सेल्फ-डिक्लेरेशन' के बजाय एआई और डिजिटल पहचान आधारित कड़े आयु-सत्यापन तंत्र विकसित करने को मजबूर करेगी।

प्रशासन एवं नीति (Administration And Policy)

संसदीय समिति द्वारा शिक्षा पर सार्वजनिक व्यय को जीडीपी के 6 प्रतिशत तक बढ़ाने की सरकार से पुरजोर सिफारिश: खबर: संसद की एक उच्च स्तरीय समिति ने अपनी हालिया रिपोर्ट में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विजन को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षा बजट को वर्तमान स्तर से बढ़ाकर देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का न्यूनतम 6% करने का आग्रह किया है।

महत्व: भूटान और मालदीव जैसे पड़ोसी देशों द्वारा शिक्षा पर भारत से अधिक जीडीपी साझा करने का उदाहरण देते हुए समिति ने आगाह किया कि उच्च शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर टिके रहने के लिए सार्वजनिक वित्तपोषण में वार्षिक 8-10% की वृद्धि आवश्यक है।

यमुना बेसिन पर ₹12,000 करोड़ की किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन हेतु छह राज्यों में ऐतिहासिक समझौता: खबर: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) सहित उत्तर भारत में जल और बिजली संकट को दूर करने के लिए छह राज्यों (हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान) ने बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना के लागत और लाभ-साझाकरण समझौते को अंतिम रूप दे दिया है।

महत्व: यह कदम अंतर-राज्यीय जल विवादों को सुलझाने और सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे यमुना नदी के प्रवाह में सुधार होगा और दिल्ली-राजस्थान को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

रक्षा, खेल एवं विविध (Defense, Sports & Miscellaneous)

रक्षा मंत्रालय द्वारा आईआईटी कानपुर (IIT-K) में ₹500 करोड़ के राष्ट्रीय सैन्य ड्रोन प्रौद्योगिकी केंद्र को सैद्धांतिक मंजूरी: खबर: भारत को मानव रहित प्रणालियों (UAVs) में आत्मनिर्भर बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के आईआईटी कानपुर में एक उन्नत राष्ट्रीय मिलिट्री ड्रोन टेक्नोलॉजी हब स्थापित करने की मंजूरी दी है।

महत्व: यह अकादमी और रक्षा रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSUs) के बीच एक बड़ा तकनीकी तालमेल पैदा करेगा, जो 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत भविष्य के युद्धों के लिए स्वदेशी निगरानी और आक्रामक ड्रोन प्रणालियों के निर्माण को गति देगा।

भारत और जापान द्वारा पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6.2 के तहत 'संयुक्त क्रेडिटिंग तंत्र' (JCM) के कार्यान्वयन नियमों को दी गई मंजूरी: खबर: दोनों देशों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने वाली परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए द्विपक्षीय 'जॉइंट क्रेडिटींग मैकेनिज्म' (JCM) के दिशा-निर्देशों को आधिकारिक रूप से अपना लिया है।

महत्व: यह समझौता भारत में हरित निवेश, पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के हस्तांतरण और सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में वैश्विक कार्बन बाजार सहयोग का एक सुदृढ़ ढांचा प्रदान करता है।

भौगोलिक और राजनीतिक जानकारी

4. देश: संयुक्त अरब अमीरात (UAE)

विशेषताविवरण
भौगोलिक स्थितिपश्चिम एशिया - अरब प्रायद्वीप के दक्षिण-पूर्व में फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के तट पर स्थित
राजधानीअबू धाबी (Abu Dhabi)
मुद्रायूएई दिरहाम (UAE Dirham)
मुख्य भौगोलिक इकाईरूबल खली रेगिस्तान (Rub' al Khali), हजर पर्वत श्रृंखला, तटीय द्वीप समूह
सामरिक महत्वओपेक (OPEC) का प्रमुख सदस्य, पश्चिम एशिया का प्रमुख व्यापारिक हब, हाल ही में सोशल मीडिया न्यूनतम आयु नियम के कारण चर्चा में

भू-राजनीतिक महत्व: भारत अपनी 'पश्चिम एशिया नीति' और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से यूएई को एक अत्यंत विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार मानता है। व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) और प्रवासियों की बड़ी आबादी के चलते दोनों देशों के संबंध आर्थिक सहयोग से आगे बढ़कर अब समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-विरोध और फिनटेक (Fintech) के क्षेत्र में गहरे हो चुके हैं।

5. राज्य विशेष: उत्तराखंड (Uttarakhand)

विशेषताविवरण
भौगोलिक स्थितिउत्तरी भारत - हिमालय की गोद में स्थित, तिब्बत (चीन) और नेपाल के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमाएँ
राजधानीदेहरादून (शीतकालीन), गैरसैंण (ग्रीष्मकालीन)
मुख्य नदियाँ एवं जल अवसंरचनागंगा, यमुना, टोंस, भागीरथी; टिहरी बांध और हालिया चर्चा में रही किशाऊ बांध परियोजना (टोंस नदी पर हिमाचल सीमा पर)
मुख्य भौगोलिक इकाईनंदा देवी चोटी, फूलों की घाटी, जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान
विशेषता'देवभूमि' के रूप में प्रसिद्ध, सामरिक रूप से संवेदनशील सीमावर्ती राज्य और आपदा प्रबंधन (भूस्खलन व फ्लैश फ्लड) के लिहाज से महत्वपूर्ण

सामरिक एवं आर्थिक महत्व: चीन के साथ सीमा साझा करने के कारण उत्तराखंड राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। चारधाम ऑल-वेदर रोड परियोजना और सीमावर्ती गांवों के विकास (Vibrant Villages Programme) से जहाँ सामरिक आवागमन सुगम हुआ है, वहीं किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना जैसे अंतर-राज्यीय बांधों से राज्य को भारी मात्रा में जल-विद्युत और राजस्व मिलने की राह खुली है।

6. भौगोलिक इकाई: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)

प्रकारवैश्विक कच्चे तेल के परिवहन की सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुद्री जलसंधि
जोड़ता हैफारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) तथा अरब सागर से
भौगोलिक स्थितिउत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान (मुसेंदम प्रायद्वीप) व यूएई के बीच स्थित
महत्वदुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा इसी संकरे मार्ग से होकर गुजरता है

भू-राजनीतिक महत्व: होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा का एक प्रमुख 'चोक पॉइंट' (Choke Point) है। ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव के समय इस मार्ग को बंद करने की धमकियाँ वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला देती हैं। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच वाणिज्यिक नौवहन की सुरक्षा को लेकर हुए प्रारंभिक फ्रेमवर्क समझौते ने वैश्विक बाजारों को बड़ी राहत दी है।

अकादमिक ज्ञान (UPSC विशेष)

5. भारतीय अर्थव्यवस्था: केंद्रीय बैंक का अधिशेष हस्तांतरण और राजकोषीय संघवाद पर इसका प्रभाव

विश्लेषण: आरबीआई द्वारा केंद्र सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ के रिकॉर्ड सरप्लस का हस्तांतरण अल्पकालिक राजकोषीय प्रबंधन के लिए एक वरदान है, लेकिन यह व्यापक आर्थिक स्थिरता और राजकोषीय संघवाद (Fiscal Federalism) के मोर्चे पर कई सवाल खड़े करता है। बिमल जालान समिति के 'इकोनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क' (ECF) के तहत यह वैधानिक रूप से मान्य है, परंतु केंद्रीय बैंक के लाभांश पर सरकार की बढ़ती निर्भरता कराधान और गैर-कर राजस्व के अन्य स्थायी स्रोतों को विकसित करने के प्रयासों को धीमा कर सकती है। इसके अतिरिक्त, इस अधिशेष का उपयोग राज्यों के साथ किस प्रकार साझा किया जाता है, यह भी सहकारी संघवाद की मजबूती तय करेगा।

6. सामाजिक न्याय एवं शिक्षा: शिक्षा बजट को 6% करना - केवल वित्तीय आवंटन या संरचनात्मक आवश्यकता?

विश्लेषण: संसदीय समिति द्वारा शिक्षा पर सार्वजनिक व्यय को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 6% तक ले जाने का आग्रह भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) को भुनाने के लिए अपरिहार्य है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लागू होने के बावजूद, शिक्षा पर वास्तविक खर्च अभी भी 3-4% के आसपास बना हुआ है। सिर्फ बजट बढ़ाना पर्याप्त नहीं है; चुनौती प्राथमिक शिक्षा में बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने, शिक्षकों के कौशल उन्नयन और उच्च शिक्षण संस्थानों को अनुसंधान-उन्मुख बनाने की है ताकि हम केवल डिग्री धारक कार्यबल के बजाय वैश्विक स्तर पर नवाचार का नेतृत्व करने वाले मानव संसाधन तैयार कर सकें।

7. आंतरिक सुरक्षा एवं रक्षा तकनीक: स्वदेशी ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र और भविष्य के हाइब्रिड युद्ध की चुनौतियां

विश्लेषण: रक्षा मंत्रालय द्वारा आईआईटी कानपुर में ₹500 करोड़ के राष्ट्रीय सैन्य ड्रोन प्रौद्योगिकी केंद्र की स्थापना भविष्य के युद्धों के बदलते स्वरूप (Changing Nature of Warfare) की प्रशासनिक स्वीकार्यता को दर्शाता है। आधुनिक युद्ध केवल भौतिक सीमाओं पर नहीं, बल्कि मानव रहित प्रणालियों, स्वायत्त हथियारों और एआई-संचालित काउंटर-ड्रोन प्रणालियों के जरिए लड़े जा रहे हैं। भारत के लिए चुनौती केवल सैन्य स्तर पर ड्रोन निर्माण की नहीं है, बल्कि नागरिक सुरक्षा, अवैध सीमा पार ड्रोन गतिविधियों (जैसे हथियारों व ड्रग्स की तस्करी) को रोकने और डेटा सुरक्षा के लिए एक एकीकृत विधिक व तकनीकी तंत्र स्थापित करने की भी है।

प्रेरक उद्धरण (UPSC मुख्य परीक्षा परिप्रेक्ष्य)

"विद्या ददाति विनयं विनयाद् याति पात्रताम्। पात्रत्वात् धनमाप्नोति धनाद् धर्मं ततः सुखम्॥" (विद्या विनय देती है, विनय से पात्रता आती है, पात्रता से धन, धन से धर्म और धर्म से सुख प्राप्त होता है।) - हितोपदेश

व्याख्या: यह सूक्ति मानव जीवन और राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की बुनियादी और क्रमिक भूमिका को रेखांकित करती है। संसदीय समिति द्वारा शिक्षा बजट को जीडीपी का 6% करने की मांग केवल एक आर्थिक विवशता नहीं, बल्कि राष्ट्र की 'पात्रता' और मानव पूंजी को समृद्ध करने का नैतिक आधार है। जब तक शिक्षा समावेशी और गुणवत्तापूर्ण नहीं होगी, तब तक सामाजिक न्याय और सतत आर्थिक समृद्धि की कल्पना अधूरी है। इसे निबंध, नीतिशास्त्र (GS Paper 4) और GS Paper 2 (सामाजिक न्याय - शिक्षा) में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जा सकता है।

आज का प्रश्न (Mains Perspective - GS Paper 3)

प्रश्न: "केंद्रीय बैंकों द्वारा सरकारों को बड़े पैमाने पर अधिशेष (Surplus) हस्तांतरण राजकोषीय घाटे को तात्कालिक सहारा तो प्रदान करता है, परंतु यह केंद्रीय बैंक की दीर्घकालिक वित्तीय सुदृढ़ता और मौद्रिक नीति की स्वायत्तता के समक्ष संस्थागत चुनौतियां उत्पन्न कर सकता है।" आर्थिक पूंजी ढांचे (ECF) के आलोक में इस कथन का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)

आज का अभ्यास प्रश्न (अभ्यास)

प्रश्न 1: हाल ही में समाचारों में रहा 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz), जो एक प्रमुख वैश्विक चोक पॉइंट है, किन दो महत्वपूर्ण जल निकायों (Water Bodies) को आपस में जोड़ता है?

उत्तर: यह फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) और अरब सागर से जोड़ता है।

प्रश्न 2: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा केंद्र सरकार को किए जाने वाले अधिशेष हस्तांतरण की सीमा और जोखिम बफ़र्स का निर्धारण किस समिति की सिफारिशों पर आधारित 'आर्थिक पूंजी ढांचे' (ECF) द्वारा किया जाता है?

उत्तर: बिमल जालान समिति (Bimal Jalan Committee)।

दादी की रोटी

अमन दुबे

दादी की रोटी

17 जून 2026

स्त्रियों ने रोटी बनाई और

रखा खुद की पहुंच से दूर ।

भूख मे इतनी हिम्मत कहा

जो तोड़ सके इन सामाजिक बंधनों को

आज भी दादी ने नही खाया पापा और दादा से पहले

रसोई मे बैठी सुबह से तकती रही रोटिया, दादी को

मर्दो के खाने तक,

रोटियाँ आज भी है स्त्रियों से दूर ।।

©अमन दुबे 17 जून 2026@(कव्य कुंज, आलोक पत्रिका)

प्रेम की पराकाष्ठा

अमन दुबे

प्रेम की पराकाष्ठा

17 जून 2026

किसी की सिसकियां थमीं
किसी ने आसूं पोछे

किसी ने
जी भर रो कर सुकून ढूंढा

तकलीफ में रहे वो लोग
जिन्होंने भीतर डैम बना कर
सब कुछ जकड़े रखा

भूल गए
प्रकृति की प्रवृति
मुरझाना नही सीखा

किसी की विरह में
अकेले बैठ रोने का सुख जिन्हे नही मिला
वो वंचित रहे हमेशा
प्रेम की पराकाष्ठा से ।

©अमन दुबे 17 जून 2026@(कव्य कुंज, आलोक पत्रिका)

17/06/2026

आलोक पत्रिका - 17 जून, 2026

आलोक

दैनिक समसामयिक पत्रिका | 17 जून, 2026

राष्ट्रीय परिदृश्य

ISRO और परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) का उन्नत चंद्र लैंडर हीटिंग सिस्टम के लिए ऐतिहासिक सहयोग: खबर: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने चंद्रमा के अत्यधिक ठंडे वातावरण (रात के तापमान -129°C तक) से लैंडर की रक्षा करने के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) के साथ एक परमाणु-संचालित कृत्रिम हीटिंग सिस्टम विकसित करने की साझेदारी की घोषणा की है।

महत्व: सौर ऊर्जा पर निर्भर 'विक्रम' लैंडर केवल 14 दिनों तक सक्रिय रह पाया था, परंतु इस नई तकनीक से भविष्य के चंद्र मिशनों के लैंडर चंद्रमा पर 200 दिनों से अधिक समय तक जीवित रहने में सक्षम होंगे। यह भारत को दीर्घकालिक चंद्र अन्वेषणों और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगा।

NEET-UG 2026 पुनरीक्षा के मद्देनजर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा टेलीग्राम (Telegram) ऐप पर अस्थायी प्रतिबंध: खबर: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुरोध पर, केंद्र सरकार ने आगामी 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनरीक्षा के दौरान पेपर लीक और संगठित धोखाधड़ी सिंडिकेट को रोकने के लिए मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम को एक सप्ताह के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।

महत्व: यह कदम प्रशासनिक और तकनीकी सुरक्षा के कड़े समन्वय को दर्शाता है। सरकार साइबर स्पेस का दुरुपयोग कर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की शुचिता को भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ आक्रामक और एहतियाती रुख अपना रही है।

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राज्यों को आधार (Aadhaar) कार्ड के केवल 'पहचान पत्र' के रूप में उपयोग करने हेतु नोटिस: खबर: माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र और राज्य सरकारों से उस याचिका पर जवाब मांगा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आधार कार्ड का नागरिकता, अधिवास (Domicile) या स्थायी निवास के प्रमाण के रूप में दुरुपयोग हो रहा है, जिससे अवैध प्रवासियों को अनुचित लाभ मिल सकता है।

महत्व: यह न्यायिक हस्तक्षेप प्रशासनिक नीतियों में आधार के वास्तविक वैधानिक अधिदेश (Statutory Mandate) को स्पष्ट करने के लिए आवश्यक है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक डेटा के दुरुपयोग को रोकने के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम है।

🌐 अंतर्राष्ट्रीय (International)

G7 शिखर सम्मेलन के इतर फ्रांस में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय वार्ता का आयोजन: खबर: फ्रांस के एवियान-ले-बैंस (Evian-les-Bains) में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 16 महीने बाद उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें व्यापारिक मतभेदों को सुलझाने और सामरिक संबंधों को पुनः गति देने पर चर्चा की गई।

महत्व: पिछले कुछ समय से प्रवासन नीतियों, वीजा शुल्क और हालिया ओमान तट की घटनाओं के कारण दोनों देशों के रिश्तों में आए तनाव को कम करने में यह वार्ता मिल का पत्थर साबित होगी। यह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन और वैश्विक भू-राजनीति के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यूक्रेन संकट के समाधान के लिए वैश्विक नेताओं की उपस्थिति में G7 शिखर सम्मेलन शुरू: खबर: फ्रांस में आयोजित इस शिखर सम्मेलन के पहले दिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी भाग लिया। यूरोपीय देशों और भारत के प्रमुखों ने युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक खाद्य व ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के संकट को दूर करने के लिए कानून-आधारित वैश्विक व्यवस्था पर जोर दिया है।

महत्व: बहुपक्षीय मंचों पर भारत द्वारा कूटनीतिक और शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए विवादों को सुलझाने की नीति को पुनः सराहा गया है, जिससे 'ग्लोबल साउथ' (Global South) की चिंताओं को प्रमुखता मिली है।

प्रशासन एवं नीति (Administration And Policy)

युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा 'विकसित भारत युवा संसद 2026' का समापन: खबर: केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में नई दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय युवा संसद के समापन सत्र में देश के युवाओं ने 'विजन 2047' के तहत डिजिटल साक्षरता, पर्यावरण सततता और नीति निर्माण में एआई की भूमिका पर अपने विधायी प्रस्ताव पेश किए।

महत्व: यह प्रशासनिक पहल पारंपरिक रट्टा-आधारित राजनीति से हटकर 'योग्यता-आधारित और विचार-प्रधान' शासन (Competency-based Governance) की ओर युवाओं को आकर्षित करती है, जिससे भविष्य के नीति निर्माताओं का निर्माण हो सके।

सर्वोच्च न्यायालय का ऐतिहासिक निर्देश - त्रिपुरा ग्राम समिति के चुनाव 27 सितंबर को एक ही चरण में होंगे: खबर: लंबे समय से लंबित त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (TTAADC) के तहत आने वाली ग्राम समितियों के चुनाव को सर्वोच्च न्यायालय ने 27 सितंबर, 2026 को एक ही चरण में कराने का राज्य निर्वाचन आयोग को सख्त निर्देश दिया है।

महत्व: जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को सुदृढ़ करने और जनजातीय समुदायों के प्रशासनिक अधिकारों (Local Self-Governance) की रक्षा के लिए यह निर्देश अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो क्षेत्रीय भूमि और प्रशासनिक विवादों को रोकेगा।

रक्षा, खेल एवं विविध (Defense, Sports & Miscellaneous)

चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में इसरो वैज्ञानिकों द्वारा 'केसीसी स्पेस टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च प्रोग्राम 2026' लॉन्च: खबर: कल्पना चावला केंद्र (KCC) के माध्यम से अंतरिक्ष शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक महीने के राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जिसमें इसरो, IIST और सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला (SCL) के वैज्ञानिक देश के युवा शोधकर्ताओं को क्वांटम क्रिप्टोग्राफी और उपग्रह प्रणालियों पर प्रशिक्षित करेंगे।

महत्व: यह पहल भारत के सेमीकंडक्टर और स्पेस-टेक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए मानव संसाधन को तैयार करती है, जो 'मेक इन इंडिया' और राष्ट्रीय रक्षात्मक अंतरिक्ष प्रणालियों के लिए आवश्यक है।

FIFA विश्व कप 2026 - ग्रुप चरणों के मुकाबलों में वैश्विक स्तर पर कड़ा मुकाबला शुरू: खबर: अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में हो रहे फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप मैचों में सह-मेजबान मैक्सिको ने अपनी पहली जीत दर्ज की, वहीं नॉकआउट चरणों के लिए विभिन्न देशों के बीच रणनीतिक खेल कौशल का प्रदर्शन जारी है।

महत्व: वैश्विक खेल कूटनीति (Sports Diplomacy) के लिहाज से यह आयोजन देशों के बीच सांस्कृतिक और व्यापारिक अंतर्संबंधों को मजबूत करने का एक बेहतरीन उदाहरण है।

भौगोलिक और राजनीतिक जानकारी

4. देश: फ्रांस (France)

विशेषताविवरण
भौगोलिक स्थितिपश्चिमी यूरोप - अटलांटिक महासागर और भूमध्य सागर दोनों के तट पर स्थित
राजधानीपेरिस (Paris) - सीन (Seine) नदी के तट पर
मुद्रायूरो (Euro)
मुख्य भौगोलिक इकाईआल्प्स और पाइरेनीस पर्वत श्रृंखला, लॉयर नदी, इंग्लिश चैनल (तटीय सीमा)
सामरिक महत्वसंयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का स्थायी सदस्य, इस वर्ष के G7 शिखर सम्मेलन (एवियान-ले-बैंस) का मेजबान

भू-राजनीतिक महत्व: भारत अपनी 'सामरिक स्वायत्तता' और रक्षा क्षेत्र में फ्रांस को सबसे विश्वसनीय और पुराना साझेदार मानता है। राफेल लड़ाकू विमानों और स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के सौदे के बाद, दोनों देश अब हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में चीन की बढ़ती आक्रामकता को संतुलित करने के लिए नौसैनिक सहयोग को अभूतपूर्व स्तर पर ले जा रहे हैं।

5. राज्य विशेष: त्रिपुरा (Tripura)

विशेषताविवरण
क्षेत्रफल10,491 वर्ग किमी (पूर्वोत्तर भारत का तीसरा सबसे छोटा राज्य)
राजधानीअगरतला
अंतरराष्ट्रीय सीमातीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा हुआ (अंतरराष्ट्रीय सीमा की लंबाई 856 किमी)
मुख्य भौगोलिक इकाईजंपुई हिल्स, हावड़ा नदी, तृष्णा वन्यजीव अभ्यारण्य
विशेषता'त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद' (TTAADC) - छठी अनुसूची के तहत शामिल, हालिया ग्राम समिति चुनाव निर्णयों के कारण चर्चा में

सामरिक एवं आर्थिक महत्व: बांग्लादेश के साथ तीन तरफ से घिरे होने के कारण त्रिपुरा अंतरराष्ट्रीय सीमा प्रबंधन और घुसपैठ को रोकने के लिहाज से सर्वोच्च प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। केंद्र सरकार की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के तहत अगरतला-अखौरा रेल लिंक के विकास ने त्रिपुरा को पूर्वोत्तर भारत के लिए 'इंटरनेशनल गेटवे' में बदल दिया है, जिससे दक्षिण-पूर्व एशिया तक भारत की पहुंच आसान हुई है।

6. भौगोलिक इकाई: इंग्लिश चैनल (English Channel)

विशेषताविवरण
प्रकारवैश्विक व्यापार और पश्चिमी यूरोप की सबसे व्यस्ततम समुद्री परिवहन धमनी
जोड़ता हैअटलांटिक महासागर (Atlantic Ocean) को उत्तरी सागर (North Sea) से
भौगोलिक स्थितिदक्षिणी इंग्लैंड (यूके) और उत्तरी फ्रांस के बीच स्थित
महत्वदुनिया का सबसे व्यस्त शिपिंग लेन 'डोवर जलडमरूमध्य' (Strait of Dover) इसी का सबसे संकरा हिस्सा है

भू-राजनीतिक महत्व: इंग्लिश चैनल के नीचे बनी 'चैनल टनल' यूके और फ्रांस को रेल मार्ग से जोड़ती है। हाल के वर्षों में, अवैध प्रवासन (Illegal Migration) और प्रवासियों द्वारा छोटी नावों से चैनल पार करने की घटनाओं ने ब्रिटेन और फ्रांस के बीच प्रशासनिक व सुरक्षा संबंधी तनाव को बढ़ा दिया है। G7 शिखर सम्मेलन के दौरान तटीय सुरक्षा और मानव तस्करी सिंडिकेट्स को रोकने के लिए यूरोपीय देशों ने यहाँ नए राडार सर्विलांस तंत्र को मंजूरी दी है।

अकादमिक ज्ञान (UPSC विशेष)

5. अंतर्राष्ट्रीय संबंध: भारत-अमेरिका संबंधों में उतार-चढ़ाव और G7 शिखर सम्मेलन का कूटनीतिक महत्व

विश्लेषण: फ्रांस में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की बैठक भारत की 'रणनीतिक स्वायत्तता' (Strategic Autonomy) की परीक्षा है। अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ और ओमान तट के पास भारतीय नाविकों की दुखद मौत के बाद दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक ठहराव आ गया था। भारत के लिए चुनौती यह है कि वह एक ओर अमेरिका समर्थित तकनीकी मंचों का हिस्सा रहे, तो दूसरी ओर रूस-यूक्रेन संकट और ईरान के मुद्दों पर अपने स्वतंत्र स्टैंड को बरकरार रखे। G7 के मंच पर यह मुलाकात दर्शाती है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को री-स्ट्रक्चर करने और चीन के आर्थिक प्रभाव को रोकने के लिए अमेरिका को भारत की उतनी ही जरूरत है, जितनी भारत को अपनी रक्षा प्रणालियों के आधुनिकीकरण के लिए अमेरिका की।

6. आंतरिक सुरक्षा: राष्ट्रीय परीक्षाओं में तकनीकी व्यवधान (टेलीग्राम प्रतिबंध) और कानून प्रवर्तन चुनौतियां

विश्लेषण: पारंपरिक रूप से आंतरिक सुरक्षा को केवल भौतिक सीमाओं की रक्षा के रूप में देखा जाता था, लेकिन आधुनिक 'हाइब्रिड और हाइब्रिड-साइबर' दौर में डेटा की सुरक्षा और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की शुचिता राष्ट्रीय सुरक्षा का एक आंतरिक हिस्सा बन चुकी है। NTA के अनुरोध पर टेलीग्राम ऐप को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित करना यह दर्शाता है कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म किस प्रकार संगठित अपराध और पेपर लीक सिंडिकेट्स के लिए 'सुरक्षित पनाहगाह' बन गए हैं। नीति निर्माताओं के समक्ष चुनौती 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और डिजिटल प्राइवेसी' तथा 'प्रशासनिक पारदर्शिता व परीक्षा शुचिता' के बीच एक नैतिक और विधिक संतुलन स्थापित करने की है।

7. अर्थव्यवस्था एवं विज्ञान: परमाणु-संचालित चंद्र लैंडर तकनीक और भारत का भावी अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र

विश्लेषण: इसरो और परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) का यह नया तकनीकी सहयोग केवल वैज्ञानिक खोज नहीं, बल्कि भविष्य की भू-आर्थिक संप्रभुता (Geo-economic Sovereignty) का विषय है। अंतरिक्ष अन्वेषणों में 'रेडियोआइसोटोप हीटर यूनिट्स' (RHU) का विकास भारत को उन गिने-चुने देशों की श्रेणी में खड़ा कर देगा जिनके पास बिना सूर्य की रोशनी के भी मशीनों को हफ्तों सक्रिय रखने की क्षमता है। यह तकनीक भविष्य के 'चंद्रयान' और अंतरग्रहीय मिशनों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी, जिससे सुदूर अंतरिक्ष में भारत की दीर्घकालिक उपस्थिति और अनुसंधान क्षमता सुदृढ़ होगी।

प्रेरक उद्धरण (UPSC मुख्य परीक्षा परिप्रेक्ष्य)

"सहनाववतु सहनौ भुनक्तु सह वीर्यं करवावहै।" (हम साथ मिलकर रक्षा करें, साथ मिलकर आनंद लें, और साथ मिलकर महान वीरता के कार्य करें।) - कठोपनिषद

व्याख्या: यह शांति मंत्र सामूहिक उत्तरदायित्व, सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) और वैश्विक कूटनीति में 'साझा वैश्विक कल्याण' की भावना को व्यक्त करता है। चाहे आंतरिक स्तर पर केंद्र और राज्यों द्वारा मिलकर शिक्षा व परीक्षाओं में सुधार करना हो, या अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत-अमेरिका और G7 देशों के साथ मिलकर वैश्विक चुनौतियों (जैसे साइबर अपराध, जलवायु परिवर्तन) का सामना करना हो—यह विचार हमेशा मार्गदर्शक सिद्ध होता है। इसे निबंध, नीतिशास्त्र (GS Paper 4) और GS Paper 2 में 'बहुपक्षीय कूटनीति' के विषयों को प्रभावी ढंग से विश्लेषित करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

आज का प्रश्न (Mains Perspective - GS Paper 2)

प्रश्न: "वैश्विक तकनीकी मंचों (Encrypted Messaging Platforms) का संगठित वित्तीय व प्रशासनिक अपराधों के लिए बढ़ता दुरुपयोग, डिजिटल संप्रभुता और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समक्ष एक जटिल चुनौती प्रस्तुत करता है।" हाल ही में परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए की गई प्रशासनिक कार्रवाइयों के संदर्भ में इस कथन का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए तथा नागरिक अधिकारों व राष्ट्रीय सुरक्षा के मध्य संतुलन सुनिश्चित करने के उपायों की विवेचना कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)

आज का अभ्यास प्रश्न (अभ्यास)

प्रश्न 1: हाल ही में समाचारों में रहा 'डोवर जलडमरूमध्य' (Strait of Dover) जो इंग्लिश चैनल का सबसे संकरा हिस्सा है, किन दो यूरोपीय देशों को आपस में अलग करता है?

उत्तर: यह यूनाइटेड किंगडम (इंग्लैंड) को फ्रांस से अलग करता है।

प्रश्न 2: चंद्रमा की अत्यधिक ठंडी रातों में भविष्य के लैंडर्स को सुरक्षित रखने और उनके परिचालन समय को 200 दिनों तक बढ़ाने के लिए इसरो (ISRO) भारत के किस प्रतिष्ठित विभाग के साथ मिलकर कृत्रिम हीटिंग तकनीक विकसित कर रहा है?

उत्तर: परमाणु ऊर्जा विभाग (Department of Atomic Energy - DAE)।

16/06/2026

आलोक पत्रिका - 16 जून, 2026

आलोक

दैनिक समसामयिक पत्रिका | 16 जून, 2026

राष्ट्रीय परिदृश्य

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा 'पुनः प्रयोज्य प्रक्षेपण यान' (RLV) 'पुष्पक' का तीसरा सफल लैंडिंग प्रयोग: खबर: इसरो ने कर्नाटक के चित्रदुर्ग में एयरोनॉटिकल टेस्टレンジ (ATR) से अपने स्वायत्त पुनः प्रयोज्य प्रक्षेपण यान 'पुष्पक' (RLV-LEX-03) का तीसरा लगातार सटीक लैंडिंग परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

महत्व: यह सफलता भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों की लागत को अभूतपूर्व रूप से कम करेगी। भारत अब कम लागत वाले सुरक्षित अंतरिक्ष अभियानों और वैश्विक वाणिज्यिक उपग्रह प्रक्षेपण बाजार में अपनी आत्मनिर्भरता और तकनीकी बढ़त को मजबूत कर चुका है।

नीति आयोग द्वारा 'राष्ट्रीय आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम' (ABP) का प्रगति प्रतिवेदन जारी: खबर: नीति आयोग ने देश के सबसे पिछड़े 500 ब्लॉकों में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास की समीक्षा के लिए 'आकांक्षी ब्लॉक सूचकांक' की अद्यतन रैंकिंग जारी की है, जिसमें जमीनी स्तर पर व्यापक सुधार दर्ज किए गए हैं।

महत्व: यह सूचकांक स्थानीय स्तर पर 'सहकारी संघवाद' (Cooperative Federalism) और डेटा-संचालित शासन (Data-driven Governance) को बढ़ावा देता है, जिससे विकास की दौड़ में सबसे पीछे छूट गए क्षेत्रों को मुख्यधारा में लाना आसान हुआ है।

नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व में 'ऑपरेशन वेस्ट-निल' के तहत आक्रामक प्रजातियों के उन्मूलन का विशेष अभियान: खबर: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा पश्चिमी घाट के इस संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र में 'लैंटाना कैमरा' और 'सेना स्पेक्टेबिलिस' जैसी विदेशी आक्रामक खरपतवारों को हटाने के लिए स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर एक व्यापक प्रशासनिक अभियान चलाया गया है।

महत्व: आक्रामक प्रजातियां स्थानीय वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और जैव विविधता के लिए बड़ा खतरा हैं। इस अभियान से न केवल घास के मैदानों का पुनरुद्धार होगा, बल्कि भोजन की तलाश में भटकने वाले जीवों के कारण होने वाले मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) में भी कमी आएगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा 'राष्ट्रीय डेटा गवर्नेंस फ्रेमवर्क' (NDGFP) का क्रियान्वयन: खबर: सरकार ने गैर-व्यक्तिगत डेटा (Non-Personal Data) को सुरक्षित रूप से साझा करने और स्टार्टअप्स व शोधकर्ताओं के लिए अनुसंधान को सुलभ बनाने के लिए 'इंडिया डेटासेट प्लेटफॉर्म' के प्रशासनिक नियमों को अधिसूचित कर दिया है।

महत्व: यह नीति गोपनीयता और डेटा सुरक्षा से समझौता किए बिना कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के नेतृत्व वाले नवाचारों को गति देगी, जो भारत की डिजिटल संप्रभुता (Digital Sovereignty) और भविष्य के तकनीकी ढांचे के लिए एक अनिवार्य कदम है।

🌐 अंतर्राष्ट्रीय (International)

भारत-यूरोपीय संघ (EU) व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (TTC) की मंत्रिस्तरीय बैठक: खबर: ब्रुसेल्स में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत और ईयू ने सुरक्षित सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला, एआई गवर्नेंस मॉडल और हरित हाइड्रोजन (Green Hydrogen) मानकों के मिलान के लिए एक साझा कार्यबल स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की है।

महत्व: यह साझेदारी वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में चीन के बढ़ते एकाधिकार को संतुलित करने और भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ताओं के लिए एक मजबूत रणनीतिक और आर्थिक धरातल तैयार करने में मदद करेगी।

हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IORA) की समुद्री सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन: खबर: कोलंबो में आयोजित इस क्षेत्रीय मंच पर भारत ने 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' की अपनी भूमिका को दोहराते हुए मित्र देशों के साथ समुद्री डकैती विरोधी अभियानों और वास्तविक समय के सूचना साझाकरण को मजबूत करने का प्रस्ताव रखा है।

महत्व: हिंद महासागर में वाणिज्यिक जहाजों की निर्बाध सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत की रणनीतिक नीति 'सागर' (SAGAR - Security and Growth for All in the Region) का मूल आधार है, जो वैश्विक व्यापार मार्गों को सुरक्षित बनाती है।

प्रशासन एवं नीति (Administration And Policy)

जल शक्ति मंत्रालय द्वारा 'राष्ट्रीय भूजल प्रबंधन पुरस्कार 2026' की घोषणा: खबर: 'अटल भूजल योजना' के प्रभावी क्रियान्वयन और जन-भागीदारी के माध्यम से घटते भूजल स्तर को ऊपर उठाने के लिए इस वर्ष मध्य प्रदेश और राजस्थान के चुनिंदा जिलों को प्रशासनिक रूप से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया है।

महत्व: यह पुरस्कार विकेंद्रीकृत जल प्रबंधन और 'कम्युनिटी ओनरशिप' को बढ़ावा देता है, जिससे आने वाले समय में गंभीर जल संकट से निपटने के लिए ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

रक्षा, खेल एवं विविध (Defense, Sports & Miscellaneous)

भारतीय नौसेना द्वारा स्वदेशी 'स्टील्थ गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर' INS इम्फाल का पहला सुदूर मिशन तैनात: खबर: प्रोजेक्ट 15B के तहत निर्मित इस अत्याधुनिक युद्धपोत को अदन की खाड़ी और अरब सागर के रणनीतिक जंक्शनों पर सुरक्षा गश्त के लिए तैनात किया गया है, जो ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली से लैस है।

महत्व: यह तैनाती भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता और वैश्विक समुद्री संकटों के बीच अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक मार्गों को खुला व सुरक्षित रखने की उसकी रणनीतिक इच्छाशक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा सिनौली (उत्तर प्रदेश) में ताम्रपाषाण कालीन रथों के संरक्षण की नई तकनीक का प्रयोग: खबर: एएसआई ने सिनौली उत्खनन स्थल से प्राप्त 4000 वर्ष पुराने योद्धा वर्ग के साक्ष्यों और लकड़ी के रथों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए रासायनिक कोटिंग की एक नई स्वदेशी पद्धति का सफल अनुप्रयोग किया है।

महत्व: यह खोज भारतीय उपमहाद्वीप में प्राचीन युद्ध कला, परिष्कृत धातु विज्ञान और सभ्यता के क्रमिक विकास के इतिहास को एक नया और प्रामाणिक आधार प्रदान करती है, जो इतिहास और संस्कृति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

भौगोलिक और राजनीतिक जानकारी

4. देश: वियतनाम (Vietnam)

विशेषताविवरण
भौगोलिक स्थितिदक्षिण-पूर्व एशिया (इंडोचाइना प्रायद्वीप) - दक्षिण चीन सागर के तट पर स्थित
राजधानीहनोई (Hanoi)
मुद्रावियतनामी डोंग (Vietnamese Dong)
मुख्य भौगोलिक इकाईमेकांग नदी डेल्टा, रेड नदी, अनमाइट पर्वत श्रृंखला
सामरिक महत्वदक्षिण चीन सागर (South China Sea) में चीन के दावों का कड़ा विरोधी, भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति का प्रमुख स्तंभ

भू-राजनीतिक महत्व: भारत और वियतनाम के बीच रक्षा संबंध बेहद गहरे हैं। भारत ने वियतनाम को अपनी 'आकाश' मिसाइल प्रणाली और नौसैनिक गश्ती नौकाएं प्रदान की हैं। दक्षिण चीन सागर में चीनी आक्रामकता के बीच दोनों देश नौसैनिक सहयोग और नेविगेशन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक रूप से साथ काम कर रहे हैं।

5. राज्य विशेष: लद्दाख (Ladakh)

विशेषताविवरण
क्षेत्रफलभारत का सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश (सामरिक दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील)
राजधानीलेह और कारगिल
अंतरराष्ट्रीय सीमापाकिस्तान (PoK) और चीन (अक्साई चिन - वास्तविक नियंत्रण रेखा)
मुख्य भौगोलिक इकाईसिंधु नदी घाटी, पैंगोंग त्सो झील, नुब्रा घाटी, सियाचिन ग्लेशियर
विशेषता'शीत मरुस्थल' (Cold Desert), अत्यधिक ऊंचाई वाले दर्रे (उमलिंग ला - दुनिया की सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़क)

सामरिक एवं आर्थिक महत्व: वर्ष 2020 के गतिरोध के बाद से लद्दाख में सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। चीन की किसी भी चाल का जवाब देने के लिए यहाँ 'वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम' (Vibrant Villages Programme) के तहत सीमावर्ती गांवों (जैसे डेमचोक, चुशुल) में बुनियादी ढांचे का तीव्र विकास किया जा रहा है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'जोजिला सुरंग' का निर्माण सेना की बारहमासी कनेक्टिविटी को सुनिश्चित करने के लिए मिल का पत्थर साबित हो रहा है।

6. भौगोलिक इकाई: बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य (Bab-el-Mandeb Strait)

विशेषताविवरण
प्रकारवैश्विक व्यापार और भू-राजनीतिक सुरक्षा का अत्यंत संवेदनशील समुद्री चोकपॉइंट
जोड़ता हैलाल सागर (Red Sea) को अदन की खाड़ी और अरब सागर से
भौगोलिक स्थितिउत्तर-पूर्व में यमन (अरब प्रायद्वीप) और दक्षिण-पश्चिम में जिबूती व इरिट्रिया (हॉर्न ऑफ अफ्रीका) के बीच
महत्वस्वेज नहर के माध्यम से एशिया को यूरोप से जोड़ने वाले व्यापारिक जहाजों का एकमात्र प्रवेश मार्ग

भू-राजनीतिक तनाव: यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर किए जाने वाले हमलों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को हिलाकर रख दिया है। इसके चलते जहाजों को अफ्रीका का चक्कर लगाकर जाना पड़ता है, जिससे माल ढुलाई की लागत बढ़ जाती है। भारत अपने यूरोपीय व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए इस क्षेत्र में भारतीय नौसेना के युद्धपोतों को गश्त पर तैनात रखता है, जो इस क्षेत्र में भारत के कूटनीतिक और नौसैनिक प्रभाव को सिद्ध करता है।

अकादमिक ज्ञान (UPSC विशेष)

5. अंतर्राष्ट्रीय संबंध: लाल सागर संकट (बाब-अल-मंडेब) और भारत की समुद्री कूटनीति

विश्लेषण: बाब-अल-मंडेब में कोई भी सुरक्षा व्यवधान भारत के निर्यात और आयात को सीधे प्रभावित करता है, विशेष रूप से यूरोप और उत्तरी अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार को। मार्ग परिवर्तन से लगने वाले अतिरिक्त समय और बढ़े हुए बीमे (Insurance Premium) के कारण भारतीय वस्तुओं की वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता कम हो जाती है। इसके जवाब में भारत 'बहु-आयामी समुद्री दृष्टिकोण' अपना रहा है। एक तरफ भारत वैश्विक समुद्री सुरक्षा गठबंधन के साथ सूचनाएं साझा करता है, वहीं दूसरी तरफ वह स्वतंत्र रूप से अरब सागर के उत्तरी छोर पर अपने जहाजों को सुरक्षा कवर प्रदान करता है। यह रणनीति भारत को एक जिम्मेदार, स्वायत्त और 'नेट सुरक्षा प्रदाता' वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करती है।

6. आंतरिक सुरक्षा: अंतरिक्ष परिसंपत्तियों का रक्षात्मक उपयोग और इसरो के RLV का महत्व

विश्लेषण: आधुनिक युद्ध अब केवल थल, नभ और जल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह अंतरिक्ष (Space Warfare) तक फैल चुके हैं। वास्तविक समय की खुफिया जानकारी, सीमा पर निगरानी और सुरक्षित संचार के लिए उपग्रहों की भूमिका अनिवार्य हो चुकी है। ऐसे में अंतरिक्ष मिशनों की बढ़ती लागत और उपग्रहों को समय पर बदलने की चुनौती से निपटने के लिए 'पुनः प्रयोज्य प्रक्षेपण यान' (RLV) तकनीक भारत के लिए गेम-चेंजर है। युद्ध या आपातकाल की स्थिति में दुश्मन द्वारा देश के उपग्रहों को नुकसान पहुँचाने पर, भारत इस तकनीक के जरिए बेहद कम समय और न्यूनतम लागत पर नए टोही उपग्रह (Reconnaissance Satellites) अंतरिक्ष में स्थापित करने में सक्षम हो जाएगा, जो हमारी आंतरिक और बाह्य सुरक्षा को अभेद्य बनाता है।

प्रेरक उद्धरण (UPSC मुख्य परीक्षा परिप्रेक्ष्य)

"तेजस्वी नावधीतमस्तु।" (हम दोनों [गुरु और शिष्य] एक साथ तेजस्वी बनें और हमारा ज्ञान दीप्तिमान हो।) - तैत्तिरीय उपनिषद

व्याख्या: यह प्राचीन प्रार्थना समावेशी विकास, सहयोगात्मक शासन और ज्ञान-आधारित समाज की स्थापना के मूल विचार को दर्शाती है। आधुनिक प्रशासनिक संदर्भ में, इसका उपयोग सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), नागरिक-केंद्रित शासन, और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में 'वैश्विक भलाई के लिए साझा ज्ञान' (जैसे जलवायु परिवर्तन और एआई गवर्नेंस) के महत्व को रेखांकित करने के लिए निबंध, नीतिशास्त्र (GS Paper 4) और GS Paper 2 में प्रभावी रूप से किया जा सकता है।

आज का प्रश्न (Mains Perspective - GS Paper 3)

प्रश्न: "वैश्विक समुद्री चोकपॉइंट्स पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और गैर-राज्य अभिकर्ताओं (Non-state actors) का हस्तक्षेप भारत की आर्थिक स्थिरता और आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है।" बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य के हालिया संकट के आलोक में इस कथन का परीक्षण कीजिए तथा भारत द्वारा अपनी समुद्री सीमाओं और व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की विवेचना कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)

आज का अभ्यास प्रश्न (अभ्यास)

प्रश्न 1: स्वेज नहर के माध्यम से यूरोप की ओर जाने वाले जहाजों के लिए प्रवेश द्वार माना जाने वाला 'बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य' किन दो भू-भागों (प्रायद्वीप/महाद्वीप) को अलग करता है?

उत्तर: यह अरब प्रायद्वीप (यमन) को अफ्रीका महाद्वीप (जिबूती और इरिट्रिया) से अलग करता है।

प्रश्न 2: हाल ही में चर्चा में रहा 'पुश्पक' (RLV) क्या है, जिसके लैंडिंग प्रयोग का तीसरा सफल परीक्षण इसरो द्वारा किया गया है?

उत्तर: यह भारत का स्वदेशी 'पुनः प्रयोज्य प्रक्षेपण यान' (Reusable Launch Vehicle) है, जो भविष्य में अंतरिक्ष मिशनों की लागत को कम करने के लिए विमान की तरह रनवे पर स्वायत्त लैंडिंग करने में सक्षम है।

15/06/2026

आलोक पत्रिका - 15 जून, 2026

आलोक

दैनिक समसामयिक पत्रिका | 15 जून, 2026

राष्ट्रीय परिदृश्य

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा 'नाविक' (NavIC) प्रणाली के वैश्विक विस्तार हेतु अगली पीढ़ी के उपग्रह (NVS-02) का सफल प्रक्षेपण: खबर: इसरो ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से GSLV-F15 रॉकेट की मदद से नाविक श्रृंखला के अत्याधुनिक NVS-02 उपग्रह को उसकी भू-समकालिक अंतरण कक्षा (GTO) में स्थापित कर दिया है। यह उपग्रह नागरिक सेवाओं के लिए L1 बैंड सिग्नल प्रदान करेगा और इसमें अत्यधिक सटीक स्वदेशी 'रुबिडियम परमाणु घड़ी' लगाई गई है।

महत्व: इस प्रक्षेपण के साथ ही भारत की अपनी क्षेत्रीय नेविगेशन प्रणाली 'नाविक' की सटीकता 5 मीटर से भी कम हो जाएगी। यह कदम विदेशी जीपीएस (GPS) प्रणालियों पर भारत की सामरिक निर्भरता को पूरी तरह समाप्त करने और हिंद महासागर क्षेत्र के पड़ोसी देशों को विश्वसनीय नेविगेशन सेवाएं प्रदान करने में मील का पत्थर है।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 'राष्ट्रीय कार्बन क्रेडिट बाजार' (NCCM) के लिए अंतिम ढांचा जारी: खबर: मंत्रालय ने भारत के ऊर्जा गहन उद्योगों (जैसे सीमेंट, स्टील और थर्मल पावर) के लिए अनिवार्य कार्बन उत्सर्जन सीमा तय करते हुए देश के पहले घरेलू कार्बन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म को मंजूरी दे दी है। इसके तहत हरित तकनीकों का उपयोग करने वाली कंपनियां अतिरिक्त कार्बन क्रेडिट बेच सकेंगी।

महत्व: यह प्रशासनिक कदम यूरोपीय संघ के 'कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म' (CBAM) जैसी चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए भारतीय निर्यातकों को तैयार करेगा। साथ ही, यह क्योटो प्रोटोकॉल और पेरिस समझौते के तहत भारत के जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने का एक बाजार-संचालित कुशल जरिया है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा एआई-गवर्नेंस के लिए 'इंडिया एआई (IndiaAI) एथिक्स फ्रेमवर्क' अधिसूचित: खबर: सरकार ने जेनेरेटिव एआई (Generative AI) और डीपफेक (Deepfake) के बढ़ते खतरों से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 'उत्तरदायी कृत्रिम बुद्धिमत्ता नीति' लागू की है। इसके तहत महत्वपूर्ण सार्वजनिक और वित्तीय डेटा का प्रसंस्करण करने वाले एआई मॉडल्स के लिए 'एल्गोरिद्मिक ऑडिट' अनिवार्य कर दिया गया है।

महत्व: डिजिटल संप्रभुता और नागरिकों के मौलिक अधिकारों (निजता का अधिकार) की रक्षा के लिए यह नीतिगत ढांचा अत्यंत आवश्यक था। यह नवाचार को रोके बिना सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रशासनिक संतुलन को प्रदर्शित करता है।

🌐 अंतर्राष्ट्रीय (International)

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शासनाध्यक्षों की परिषद की बैठक में भारत द्वारा 'कनेक्टिविटी संप्रभुता' पर बल: खबर: अस्ताना में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि यूरेशिया क्षेत्र में कोई भी नया कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट (जैसे चीन का BRI) सदस्य देशों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करते हुए ही आगे बढ़ना चाहिए।

महत्व: चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के विरोध में भारत का यह रुख उसकी भू-राजनीतिक दृढ़ता को दर्शाता है। भारत ने इसके समानांतर अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) और चाबहार बंदरगाह के विकास को यूरेशियाई देशों के सामने एक पारदर्शी विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया है।

भारत और फिलीपींस के बीच समुद्री सहयोग और आपदा राहत प्रबंधन पर द्विपक्षीय समझौता: खबर: मनीला में आयोजित रक्षा वार्ता के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'लुजोन जलडमरूमध्य' और दक्षिण चीन सागर के मुहाने पर वास्तविक समय में जहाजों की आवाजाही की ट्रैकिंग (White Shipping Information Exchange) के लिए एक संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया है।

महत्व: फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल निर्यात करने के बाद, यह समझौता पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती समुद्री कूटनीति का प्रमाण है, जो क्षेत्र में नियम-आधारित स्वतंत्र समुद्री पारगमन की वकालत करता है।

प्रशासन एवं नीति (Administration And Policy)

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर 'सैटेलाइट-आधारित टोल संग्रह प्रणाली' (GNSS) का पूर्ण कार्यान्वयन: खबर: मंत्रालय ने पूरे देश में पारंपरिक फास्टैग (FASTag) की जगह ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम आधारित टोलिंग शुरू कर दी है। अब वाहनों से टोल प्लाजा पर रुके बिना, उनके द्वारा तय की गई वास्तविक दूरी के आधार पर सीधे बैंक खातों से शुल्क कटेगा।

महत्व: यह नीतिगत बदलाव राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों के प्रतीक्षा समय को शून्य पर लाएगा, जिससे प्रतिवर्ष करोड़ों लीटर ईंधन की बचत होगी और लॉजिस्टिक्स लागत (Logistics Cost) घटकर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 9% के वैश्विक स्तर पर आ जाएगी।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा वित्तीय समावेशन हेतु 'जन धन 2.0' (Jan Dhan 2.0) डिजिटल सक्षम ऋण नीति की घोषणा: खबर: सरकार ने छोटे रेहड़ी-पटरी वालों और सीमांत किसानों के लिए जन धन खातों के माध्यम से एआई-संचालित त्वरित माइक्रो-क्रेडिट (Instant Micro-Loans) प्रणाली की शुरुआत की है, जिसमें बिना किसी कोलेटरल (गारंटी) के 5 मिनट में ऋण स्वीकृत होगा।

महत्व: यह सुधारात्मक नीति ग्रामीण भारत को अनौपचारिक साहूकारों के चंगुल से मुक्त कराने और डिजिटल लेनदेन के साक्ष्य के आधार पर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का आर्थिक सशक्तिकरण करने का एक अभिनव प्रशासनिक मॉडल है।

रक्षा, खेल एवं विविध (Defense, Sports & Miscellaneous)

भारतीय नौसेना द्वारा अरब सागर में बहु-राष्ट्रीय पनडुब्बी रोधी युद्धाभ्यास 'सागर-कवच 2026' का आयोजन: खबर: पश्चिमी नौसेना कमान ने मित्र देशों (क्वाड सदस्य देशों और ओमान) के साथ मिलकर समुद्र के नीचे छिपकर हमला करने वाली विदेशी पनडुब्बियों का पता लगाने के लिए अत्याधुनिक पी-8आई (P-8I) विमानों और स्वदेशी सी-किंग हेलीकॉप्टरों के साथ लाइव हंटिंग ड्रिल की है।

महत्व: अरब सागर और हिंद महासागर में गैर-मित्र देशों की परमाणु पनडुब्बियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए, भारत की यह तैयारी समुद्री सुरक्षा के मामले में उसकी क्षेत्रीय सर्वोच्चता और 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' की भूमिका को पुख्ता करती है।

भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI) द्वारा ओडिशा के भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में खोजी गई केकड़े की नई प्रजाति: खबर: मैंग्रोव पारिस्थितिक तंत्र के गहन अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने 'सेसार्मिडे' (Sesarmidae) परिवार से संबंधित एक अनूठे शाकाहारी केकड़े की खोज की है, जो मैंग्रोव की सड़ी-गली पत्तियों को खाकर मिट्टी को उपजाऊ बनाने में मदद करता है। इसका नाम 'आलोक सेसार्मा' रखा गया है।

महत्व: यह खोज तटीय मैंग्रोव वनों के नाजुक जैव-विविधता चक्र को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। चक्रवातों से रक्षा करने वाले मैंग्रोव के संरक्षण (GS Paper 3) और तटीय प्रबंधन नीतियों के लिए यह वैज्ञानिक इनपुट मूल्यवान साबित होगा।

भौगोलिक और राजनीतिक जानकारी

4. देश: फिलीपींस (Philippines)

विशेषताविवरण
भौगोलिक स्थितिदक्षिण-पूर्व एशिया - पश्चिमी प्रशांत महासागर में स्थित एक विशाल द्वीपसमूह देश
राजधानीमनीला
मुद्राफिलीपीन पेसो (Philippine Peso)
मुख्य भौगोलिक इकाईलुजोन और मिंडानाओ द्वीप, 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' का हिस्सा, मारियाना ट्रेंच के निकट
सामरिक महत्वदक्षिण चीन सागर विवाद में चीन के दावों का सीधा विरोध करने वाला और 'फर्स्ट आइलैंड चेन' का प्रमुख देश

भू-राजनीतिक महत्व: फिलीपींस की भौगोलिक स्थिति इसे ताइवान जलडमरूमध्य और दक्षिण चीन सागर के समुद्री मार्गों पर नियंत्रण के लिए वैश्विक महाशक्तियों का रणनीतिक केंद्र बनाती है। भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के तहत फिलीपींस को अपनी सबसे परिष्कृत सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल 'ब्रह्मोस' की आपूर्ति कर चुका है। यह रणनीतिक कदम पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन स्थापित करने और चीन की विस्तारवादी नौसैनिक रणनीति को रोकने के लिए भारत की 'आक्रामक रक्षा कूटनीति' का हिस्सा है।

5. राज्य विशेष: ओडिशा (Odisha)

विशेषताविवरण
क्षेत्रफल155,707 वर्ग किमी (भारत के पूर्वी तट पर बंगाल की खाड़ी से सटा राज्य)
राजधानीभुवनेश्वर
तटीय सीमालगभग 480 किमी लंबी समृद्ध और सामरिक तटीय सीमा
मुख्य भौगोलिक इकाईमहानदी डेल्टा, चिल्का झील (भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून), भितरकनिका मैंग्रोव, महेंद्रगिरि पहाड़ियाँ
विशेषताआपदा प्रबंधन (चक्रवात नियंत्रण) का वैश्विक मॉडल, भारत का प्रमुख खनिज और इस्पात हब

सामरिक एवं आर्थिक महत्व: ओडिशा का एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर आइलैंड) भारत के मिसाइल परीक्षण कार्यक्रम (जैसे अग्नि और प्रलय मिसाइलें) का मुख्य केंद्र होने के कारण देश की रणनीतिक सैन्य संप्रभुता की धुरी है। आर्थिक दृष्टिकोण से, ओडिशा का 'पारादीप बंदरगाह' भारत का दूसरा सबसे बड़ा चालू कार्गो हैंडलिंग पोर्ट बन गया है, जो खनिज समृद्ध पूर्वी और मध्य भारत को दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजारों से जोड़कर 'सागरमाला परियोजना' को सफल बना रहा है।

अकादमिक ज्ञान (UPSC विशेष)

5. अंतर्राष्ट्रीय संबंध: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और यूरेशिया में भारत की संप्रभुता-केंद्रित कनेक्टिविटी नीति

विश्लेषण: एससीओ में भारत की सदस्यता पश्चिमी देशों और यूरेशियाई ब्लॉक के बीच एक बहु-पक्षीय संतुलन बनाए रखने की जटिल कला है। चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के तहत बनने वाला 'सीपेक' (CPEC) भारत की संप्रभुता (पाक अधिकृत कश्मीर) का उल्लंघन करता है। भारत का एससीओ के मंच पर बार-बार यह कहना कि 'कनेक्टिविटी परियोजनाएं ऋण-जाल का माध्यम नहीं होनी चाहिए', विकासशील यूरेशियाई और मध्य एशियाई देशों के लिए एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। भारत द्वारा 'चाबहार बंदरगाह' (ईरान) के जरिए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक सीधी पहुंच बनाना चीन-पाकिस्तान ब्लॉक को भू-रणनीतिक रूप से बाईपास करने का एक प्रभावी और संप्रभु प्रशासनिक कदम है।

6. पर्यावरण एवं अर्थशास्त्र: राष्ट्रीय कार्बन क्रेडिट बाजार (NCCM) और सतत औद्योगिक विकास

विश्लेषण: आर्थिक संवृद्धि और पर्यावरण संरक्षण के बीच का अंतर्विरोध विकासशील देशों की सबसे बड़ी नीतिगत चुनौती रहा है। भारत का नया 'राष्ट्रीय कार्बन क्रेडिट बाजार' इस चुनौती का एक अनूठा बाजार-आधारित समाधान (Market-based mitigation) है। यह उद्योगों पर केवल दंडात्मक कर (जैसे कार्बन टैक्स) लगाने के बजाय, उन्हें अपनी दक्षता बढ़ाने पर वित्तीय लाभ कमाने का प्रोत्साहन देता है। इससे कॉर्पोरेट क्षेत्र में 'हरित नवाचार' (Green Innovation) को बढ़ावा मिलेगा। प्रशासनिक दृष्टिकोण से, यह नीति वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों की 'पर्यावरणीय स्वीकार्यता' को बढ़ाएगी, जो भविष्य में पश्चिमी देशों द्वारा लगाए जाने वाले संभावित हरित टैरिफ (Green Tariffs) से हमारे घरेलू विनिर्माण क्षेत्र की रक्षा करेगी।

प्रेरक उद्धरण (UPSC मुख्य परीक्षा परिप्रेक्ष्य)

"न्यायपथं न विचलन्ति धीराः।" (धैर्यवान और नीतिपरायण लोग न्याय और सत्य के मार्ग से कभी भी विचलित नहीं होते हैं।) - भर्तृहरि (नीतिशतकम्)

व्याख्या: शासन व्यवस्था और सिविल सेवा के संदर्भ में यह सूक्ति 'सत्यनिष्ठा' (Integrity) और 'प्रशासनिक नैतिकता' की सर्वोच्च परिभाषा है। जब एक लोक सेवक राजनीतिक या सामाजिक दबावों के बावजूद लोक कल्याण और संवैधानिक मूल्यों के पक्ष में खड़ा रहता है, तो वह इसी विचार को चरितार्थ करता है। इसे सामान्य अध्ययन चतुर्थ पत्र (Ethics) में 'प्रशासनिक दृढ़ता' और निबंध लेखन में 'सत्य के मार्ग पर अडिग नेतृत्व' जैसे विषयों में प्रभावी ढंग से उद्धृत किया जा सकता है।

आज का प्रश्न (Mains Perspective - GS Paper 2 & 3)

प्रश्न: "वैश्विक व्यापार और कनेक्टिविटी परियोजनाओं को किसी भी क्षेत्रीय संगठन के आर्थिक विकास का इंजन होना चाहिए, बशर्ते वे सदस्य देशों की क्षेत्रीय संप्रभुता का हनन न करती हों।" शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के संदर्भ में इस कथन का परीक्षण कीजिए तथा भारत द्वारा यूरेशिया क्षेत्र में अपनी सामरिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए अपनाई जा रही वैकल्पिक रणनीतियों की विवेचना कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)

आज का अभ्यास प्रश्न (अभ्यास)

प्रश्न 1: 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' का हिस्सा और दक्षिण चीन सागर में रणनीतिक अवस्थिति वाला वह कौन सा द्वीपसमूह देश है, जिसे भारत ने अपनी रक्षा कूटनीति के तहत 'ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल' निर्यात की है?

उत्तर: फिलीपींस (Philippines)।

प्रश्न 2: भारत का वह कौन सा तटीय राज्य है जहाँ स्थित 'एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप' (व्हीलर आइलैंड) देश के अत्याधुनिक मिसाइल प्रक्षेपण और सामरिक रक्षा अनुसंधान का मुख्य केंद्र है?

उत्तर: ओडिशा (Odisha)।